PM Vishwakarma Yojana 2026: कारीगरों को Training और Toolkit Benefit कैसे मिलता है?

अगर आप बढ़ई, दर्जी, लोहार, कुम्हार, मोची या किसी अन्य पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े कारीगर हैं, तो प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) आपके लिए उपयोगी हो सकती है। केंद्र सरकार की इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को बेहतर औजार, कौशल प्रशिक्षण और अपना कारोबार आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सहायता उपलब्ध कराना है।

इस योजना के तहत पात्र कारीगरों को 5 से 7 दिनों का बेसिक ट्रेनिंग प्रोग्राम, प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन का वजीफा और ₹15,000 तक का टूलकिट प्रोत्साहन ई-वाउचर के रूप में दिया जाता है। जरूरत और पात्रता के अनुसार कारीगर 15 दिनों या उससे अधिक की एडवांस ट्रेनिंग भी प्राप्त कर सकते हैं।

सितंबर 2026 में जारी सरकारी जानकारी के अनुसार, योजना के तहत पंजीकरण का 30 लाख लाभार्थियों का लक्ष्य पूरा हो चुका था। हालांकि, योजना में पंजीकरण होने मात्र से सभी लाभ अपने आप नहीं मिलते। कारीगर को पात्रता, सत्यापन और प्रशिक्षण से जुड़े निर्धारित चरण पूरे करने होते हैं।

PM Vishwakarma Yojana 2026: मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी
योजना का नाम प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना
शुरुआत 17 सितंबर 2023
संबंधित मंत्रालय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME)
लाभार्थी 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े पात्र कारीगर
न्यूनतम आयु 18 वर्ष
बेसिक ट्रेनिंग 5 से 7 दिन
एडवांस ट्रेनिंग 15 दिन या उससे अधिक
प्रशिक्षण वजीफा ₹500 प्रतिदिन
परिवहन भत्ता ₹1,000
टूलकिट सहायता ₹15,000 तक का ई-वाउचर
आवेदन का माध्यम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in

PM Vishwakarma Yojana में Training का लाभ कैसे मिलता है?

इस योजना के अंतर्गत कारीगरों को उनके पारंपरिक काम से संबंधित कौशल सुधारने और आधुनिक औजारों का इस्तेमाल सीखने का अवसर दिया जाता है। प्रशिक्षण में काम की गुणवत्ता, उत्पादकता और कारोबार से जुड़ी जानकारी पर ध्यान दिया जाता है।

ट्रेनिंग के लिए सामान्य रूप से दो विकल्प रखे गए हैं।

1. Basic Skill Training: 5 से 7 दिन

बेसिक ट्रेनिंग उन पात्र कारीगरों के लिए है, जो अपने मौजूदा हुनर को बेहतर बनाना और नई तकनीक सीखना चाहते हैं। इसमें काम से जुड़े आधुनिक तरीके, औजारों का सही इस्तेमाल, उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा जैसे विषय शामिल हो सकते हैं।

इस प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल लेनदेन, उद्यमिता, मार्केटिंग और कारोबार से जुड़ी बुनियादी जानकारी भी दी जाती है।

बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने वाले पात्र लाभार्थियों को ₹500 प्रतिदिन का वजीफा दिया जाता है। यदि कोई लाभार्थी 5 दिन की ट्रेनिंग पूरी करता है, तो प्रतिदिन ₹500 के हिसाब से ₹2,500 का वजीफा बनता है। 7 दिन की ट्रेनिंग के लिए यह गणना ₹3,500 होगी।

यह केवल अवधि के आधार पर गणना है। वास्तविक भुगतान प्रशिक्षण में उपस्थिति और लागू सरकारी नियमों के अनुसार होता है।

2. Advanced Skill Training: 15 दिन या उससे अधिक

बेसिक ट्रेनिंग के बाद पात्र कारीगरों को एडवांस ट्रेनिंग का अवसर भी मिल सकता है। इसका उद्देश्य उनके हुनर को और बेहतर बनाना, नए डिजाइन एवं तकनीक सीखने में मदद करना तथा कारोबार को आगे बढ़ाने की क्षमता विकसित करना है।

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इस प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक, उत्पाद निर्माण, डिजाइन, बेहतर उत्पादन विधियां और बाजार से जुड़ी जानकारी पर अधिक ध्यान दिया जा सकता है।

एडवांस ट्रेनिंग के दौरान भी पात्र लाभार्थियों को ₹500 प्रतिदिन का वजीफा दिया जाता है। 15 दिनों की ट्रेनिंग के लिए यह राशि ₹7,500 बनती है। वास्तविक भुगतान प्रशिक्षण की स्वीकृत अवधि और उपस्थिति पर निर्भर करेगा।

₹15,000 का Toolkit Benefit कैसे मिलता है?

PM Vishwakarma Yojana का एक प्रमुख लाभ टूलकिट प्रोत्साहन है। इसके तहत पात्र कारीगरों को अपने व्यवसाय के लिए बेहतर और आधुनिक औजार खरीदने हेतु ₹15,000 तक का ई-वाउचर दिया जाता है।

यह राशि सामान्य नकद अनुदान के रूप में हाथ में नहीं दी जाती। टूलकिट प्रोत्साहन ई-वाउचर के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है, ताकि लाभार्थी अपने काम के अनुसार जरूरी औजार प्राप्त कर सके।

टूलकिट से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • सहायता की अधिकतम सीमा ₹15,000 तक है।
  • यह लाभ योजना के पात्र और सत्यापित कारीगरों के लिए है।
  • ई-वाउचर का इस्तेमाल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार औजार खरीदने के लिए किया जाता है।
  • टूलकिट प्रोत्साहन बेसिक स्किल ट्रेनिंग की शुरुआत में उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
  • वास्तविक लाभ योजना की प्रक्रिया और पात्रता सत्यापन पर निर्भर करता है।

उदाहरण के लिए, दर्जी को सिलाई से जुड़े औजार, बढ़ई को लकड़ी के काम के उपकरण और लोहार को धातु का काम करने वाले जरूरी औजार प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है। औजारों का चुनाव संबंधित व्यवसाय और निर्धारित खरीद प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए।

Training और Toolkit Benefit पाने के लिए कौन पात्र है?

योजना का लाभ उन्हीं कारीगरों को दिया जाता है, जो निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करते हैं। प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:

1. आयु कम से कम 18 वर्ष हो: आवेदन करने वाले कारीगर की उम्र पंजीकरण की तारीख पर 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है।

2. निर्धारित पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े हों: आवेदक को अपने हाथों और औजारों से काम करने वाला कारीगर होना चाहिए और उसका व्यवसाय योजना में शामिल 18 पारंपरिक व्यवसायों में से होना चाहिए।

3. असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार: आम तौर पर आवेदक स्वयं अपना पारंपरिक काम करता हो और असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार के आधार पर काम कर रहा हो।

4. एक परिवार से एक लाभार्थी: योजना के तहत एक परिवार से केवल एक सदस्य को लाभ दिया जा सकता है। परिवार की परिभाषा में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल हैं।

5. समान सरकारी ऋण योजनाओं से संबंधित शर्त: पिछले पांच वर्षों में स्वरोजगार या व्यवसाय विकास के लिए समान प्रकार की क्रेडिट-आधारित सरकारी योजनाओं के तहत ऋण लेने से संबंधित प्रतिबंध लागू होते हैं। पूरी तरह चुकाए गए MUDRA और PM SVANidhi ऋण वाले लाभार्थियों के लिए सरकारी निर्देशों में पात्रता का प्रावधान है।

6. सरकारी सेवा से संबंधित प्रतिबंध: सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

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केवल व्यवसाय का नाम योजना में शामिल होने से लाभ की मंजूरी नहीं मिलती। आवेदन और संबंधित सरकारी सत्यापन के बाद ही पात्रता निर्धारित होती है।

PM Vishwakarma Yojana में कौन-कौन से 18 व्यवसाय शामिल हैं?

योजना में पारंपरिक काम करने वाले निम्नलिखित 18 प्रकार के कारीगरों और शिल्पकारों को शामिल किया गया है।

क्रमांक व्यवसाय
1 बढ़ई (Carpenter)
2 नाव निर्माता (Boat Maker)
3 हथियार निर्माता (Armourer)
4 लोहार या धातु कारीगर (Blacksmith/Metalsmith)
5 हथौड़ा और टूलकिट निर्माता
6 ताला बनाने वाला (Locksmith)
7 सुनार (Goldsmith)
8 कुम्हार (Potter)
9 मूर्तिकार या पत्थर कारीगर
10 मोची और फुटवियर कारीगर
11 राजमिस्त्री (Mason)
12 टोकरी, चटाई, झाड़ू निर्माता या कॉयर बुनकर
13 पारंपरिक गुड़िया और खिलौना निर्माता
14 नाई (Barber)
15 माला बनाने वाला
16 धोबी (Washerman)
17 दर्जी (Tailor)
18 मछली पकड़ने के जाल का निर्माता

यदि आप इनमें से किसी व्यवसाय से जुड़े हैं, तो योजना की पात्रता और पंजीकरण संबंधी नियमों की जांच कर सकते हैं।

PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए आवेदन कैसे करें?

योजना के लिए आवेदन कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से किया जाता है। पंजीकरण प्रक्रिया में कारीगर की पहचान, व्यवसाय और पात्रता से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जाता है।

आवेदन की सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:

स्टेप 1: अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं।

स्टेप 2: CSC संचालक को बताएं कि आप PM Vishwakarma Yojana के अंतर्गत पंजीकरण कराना चाहते हैं।

स्टेप 3: आधार आधारित प्रमाणीकरण के लिए आवश्यक जानकारी दें। निर्धारित प्रक्रिया के तहत बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा सकता है।

स्टेप 4: अपने पारंपरिक व्यवसाय, व्यक्तिगत जानकारी, परिवार और अन्य जरूरी विवरण सही-सही उपलब्ध कराएं।

स्टेप 5: मांगे गए दस्तावेज और जानकारी जमा करें तथा पंजीकरण संबंधी पुष्टि प्राप्त करें।

स्टेप 6: आवेदन स्थानीय निकाय के स्तर पर सत्यापन, जिला कार्यान्वयन समिति की जांच एवं अनुशंसा और स्क्रीनिंग समिति की मंजूरी जैसी निर्धारित प्रक्रियाओं से गुजरता है।

स्टेप 7: पंजीकरण एवं सत्यापन पूरा होने पर पात्र लाभार्थी को PM Vishwakarma प्रमाणपत्र और पहचान पत्र दिया जा सकता है। इसके बाद पात्रता के अनुसार ट्रेनिंग और अन्य सहायता के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

ध्यान दें कि पंजीकरण हो जाने से टूलकिट वाउचर या प्रशिक्षण का लाभ उसी समय मिलना सुनिश्चित नहीं होता। संबंधित चरण की मंजूरी और प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होना आवश्यक हो सकता है।

Training का वजीफा और परिवहन भत्ता कब मिलता है?

योजना में प्रशिक्षण के दौरान पात्र लाभार्थियों को ₹500 प्रतिदिन का वजीफा देने का प्रावधान है। इसके अलावा परिवहन के लिए ₹1,000 का भत्ता भी निर्धारित किया गया है।

वजीफे का उद्देश्य प्रशिक्षण में शामिल होने के दौरान कारीगरों को आर्थिक सहायता देना है, ताकि वे अपना नियमित काम छोड़कर कौशल सुधारने के लिए समय निकाल सकें।

हालांकि, भुगतान की वास्तविक तारीख और प्रक्रिया प्रशिक्षण केंद्र तथा योजना के लागू दिशानिर्देशों पर निर्भर कर सकती है। ट्रेनिंग के समय उपस्थिति, लाभार्थी के रिकॉर्ड और बैंक संबंधी जानकारी सही रखना उपयोगी है।

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यदि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी वजीफा प्राप्त नहीं हुआ है, तो संबंधित प्रशिक्षण केंद्र या योजना के निर्धारित सहायता माध्यम से भुगतान की स्थिति जांचें।

क्या PM Vishwakarma Yojana में ₹3 लाख तक का लोन भी मिलता है?

हां। प्रशिक्षण और टूलकिट सहायता के अलावा, पात्र लाभार्थियों के लिए व्यवसाय विकास ऋण की सुविधा भी है। योजना के तहत कुल ₹3 लाख तक का बिना जमानत ऋण दो चरणों में दिया जा सकता है।

ऋण का चरण अधिकतम राशि निर्धारित अवधि
पहला चरण ₹1 लाख तक 18 महीने
दूसरा चरण ₹2 लाख तक 30 महीने

इन ऋणों पर निर्धारित रियायती ब्याज दर 5% है। सरकार की ओर से ब्याज सहायता का प्रावधान भी है। पहला ऋण चरण लेने के लिए बेसिक ट्रेनिंग पूरी करना पात्रता से जुड़ा है, जबकि दूसरे चरण के लिए पहले ऋण का सही भुगतान और डिजिटल लेनदेन अपनाने या एडवांस ट्रेनिंग पूरी करने जैसी शर्तें लागू होती हैं।

यह ऋण सुविधा है, मुफ्त अनुदान नहीं। ऋण मंजूरी संबंधित वित्तीय संस्था और लागू शर्तों के अनुसार होती है।

PM Vishwakarma Yojana के लिए आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी?

योजना की पात्रता, प्रशिक्षण, टूलकिट वाउचर और आवेदन प्रक्रिया की नवीनतम जानकारी के लिए सरकारी पोर्टल का इस्तेमाल करें।

आधिकारिक PM Vishwakarma पोर्टल: https://pmvishwakarma.gov.in/

MSME मंत्रालय की जानकारी: https://msme.gov.in/

योजना की आधिकारिक जानकारी और लाभ: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की योजना संबंधी जानकारी

आवेदन से पहले अपनी पात्रता, सत्यापन की स्थिति और प्रशिक्षण के लिए निर्धारित निर्देश जांच लें। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को टूलकिट वाउचर, प्रशिक्षण या ऋण मंजूर कराने के नाम पर पैसे देने से बचें।

PM Vishwakarma Yojana 2026 पारंपरिक कारीगरों को उनके हुनर को बेहतर बनाने और कारोबार मजबूत करने में मदद देने के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की योजना है। इसके तहत पात्र कारीगरों को 5 से 7 दिनों की बेसिक ट्रेनिंग, 15 दिनों या उससे अधिक की एडवांस ट्रेनिंग, ₹500 प्रतिदिन का प्रशिक्षण वजीफा और ₹15,000 तक का टूलकिट ई-वाउचर मिल सकता है।

लाभ पाने के लिए कारीगर को 18 अधिसूचित व्यवसायों में से किसी एक से जुड़ा होना, न्यूनतम आयु और परिवार से संबंधित शर्तें पूरी करना तथा CSC के माध्यम से पंजीकरण व सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर नियमों की पुष्टि करें, ताकि प्रशिक्षण और टूलकिट से जुड़ी सहायता सही तरीके से प्राप्त की जा सके।

Galib Rizvi

मैं पिछले 10 वर्षों से Sarkari Yojana और Government Schemes की दुनिया से जुड़ा हुआ हूँ। Yojana के Benefits, Eligibility, Application Process और Latest Updates में मेरी खास रुचि है। अपने अनुभव और जानकारी के माध्यम से मैं Desh Yojana (firstfitt.in) पर Readers के लिए सरल, उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी साझा करता हूँ।

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