Pradhan Mantri Divyangjan Pension Yojana: पात्रता में बदलाव और नई सहायता राशि

दिव्यांगजनों के लिए पेंशन सहायता से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2026 में की है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिव्यांगजन पेंशन के तहत पात्रता की शर्तों में बदलाव और मासिक केंद्रीय सहायता राशि बढ़ाने को मंजूरी दी है। इस फैसले के तहत पहले जहां 80% या उससे अधिक दिव्यांगता की शर्त थी, वहीं अब इसे घटाकर 40% बेंचमार्क दिव्यांगता करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही न्यूनतम आयु की शर्त भी हटाई गई है।

नई व्यवस्था के तहत 0 से 79 वर्ष की आयु के पात्र लाभार्थियों के लिए केंद्रीय सहायता ₹375 प्रति माह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों के लिए ₹625 प्रति माह निर्धारित की गई है। हालांकि, सरकार ने नई पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और भुगतान दरों से संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश तीन महीने के भीतर जारी और लागू करने की बात कही है। इसलिए लाभार्थियों को अपने राज्य में आवेदन और भुगतान प्रक्रिया के संबंध में आधिकारिक निर्देशों की पुष्टि करनी चाहिए।

Pradhan Mantri Divyangjan Pension YOJANA 2026: मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी
पेंशन का नया नाम Pradhan Mantri Divyangjan Pension YOJANA
संबंधित कार्यक्रम Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana
पुराना पेंशन कार्यक्रम Indira Gandhi National Disability Pension Scheme (IGNDPS)
बदलाव को मंजूरी 14 अक्टूबर 2026
नई केंद्रीय सहायता (0–79 वर्ष) ₹375 प्रति माह
नई केंद्रीय सहायता (80 वर्ष या अधिक) ₹625 प्रति माह
बेंचमार्क दिव्यांगता की नई सीमा 40%
पुरानी दिव्यांगता सीमा 80%
न्यूनतम आयु की शर्त हटाने की मंजूरी, पात्रता जन्म से
परिवार की आर्थिक पात्रता गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार
आवेदन संबंधी जानकारी संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के विभाग से
आधिकारिक जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट

Pradhan Mantri Divyangjan Pension YOJANA में क्या बदलाव हुए हैं?

केंद्र सरकार ने 14 अक्टूबर 2026 को National Social Assistance Programme (NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी। इसके लिए ₹53,428 करोड़ का कुल वित्तीय परिव्यय निर्धारित किया गया है। इसी फैसले के तहत कार्यक्रम और इसकी उप-योजनाओं के नाम बदले गए तथा दिव्यांगजन पेंशन की पात्रता और सहायता राशि में संशोधन को मंजूरी दी गई।

इससे पहले दिव्यांगजन पेंशन के लिए सामान्यतः कम से कम 80% दिव्यांगता और 18 वर्ष की न्यूनतम आयु की शर्त लागू थी। नई मंजूरी के अनुसार, दिव्यांगता की सीमा घटाकर 40% कर दी गई है और न्यूनतम आयु की शर्त हटा दी गई है।

इस बदलाव का उद्देश्य अधिक पात्र दिव्यांगजनों को सामाजिक सहायता के दायरे में लाना है। हालांकि, BPL परिवार की शर्त और मान्य दिव्यांगता प्रमाणपत्र जैसी जरूरी पात्रता शर्तों का पालन अब भी महत्वपूर्ण है।

अब कितनी पेंशन सहायता मिलेगी?

नई मंजूरी के अनुसार, पात्र लाभार्थियों के लिए केंद्रीय सहायता की राशि आयु के आधार पर निर्धारित की गई है।

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लाभार्थी की आयु पुरानी केंद्रीय सहायता नई केंद्रीय सहायता
0 से 79 वर्ष ₹300 प्रति माह ₹375 प्रति माह
80 वर्ष या अधिक ₹500 प्रति माह ₹625 प्रति माह

इस हिसाब से 0 से 79 वर्ष की आयु वाले पात्र लाभार्थियों की केंद्रीय सहायता में ₹75 प्रति माह की वृद्धि हुई है। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों के लिए ₹125 प्रति माह की वृद्धि निर्धारित की गई है।

यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है: ये केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सहायता दरें हैं। किसी राज्य की अपनी अतिरिक्त पेंशन सहायता या अन्य संबंधित नियमों के कारण लाभार्थी को मिलने वाली कुल राशि अलग हो सकती है। नई दरों का वास्तविक भुगतान संबंधित दिशानिर्देशों और उनके क्रियान्वयन के अनुसार होगा।

दिव्यांगजन पेंशन के लिए पात्रता में क्या बदलाव हुआ है?

नई मंजूरी के तहत पेंशन की पात्रता को पहले की तुलना में व्यापक किया गया है। मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं।

1. दिव्यांगता की सीमा 80% से घटाकर 40%

पहले इस पेंशन के लिए 80% या उससे अधिक दिव्यांगता की शर्त लागू थी। अब बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 40% करने को मंजूरी मिली है। संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मान्य दिव्यांगता प्रमाणपत्र जरूरी रहेगा।

2. न्यूनतम आयु की शर्त हटाई गई

पुरानी व्यवस्था में लाभार्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष थी। नई मंजूरी के अनुसार, यह शर्त हटाई गई है और पात्रता जन्म से लागू करने का प्रावधान किया गया है। इससे पात्रता पूरी करने वाले बच्चों को भी सहायता के दायरे में लाने का रास्ता खुलता है।

3. BPL परिवार की शर्त बनी रहेगी

यह सामाजिक सहायता कार्यक्रम गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को लक्षित करता है। इसलिए सिर्फ दिव्यांगता प्रमाणपत्र होना अपने आप पेंशन मिलने की गारंटी नहीं है। परिवार की आर्थिक पात्रता और लागू दिशा-निर्देशों को भी पूरा करना होगा।

4. अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच

आवेदन के समय दिव्यांगता प्रमाणपत्र, पहचान से जुड़े दस्तावेज और परिवार की पात्रता के प्रमाण मांगे जा सकते हैं। अंतिम दस्तावेज सूची संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के लागू नियमों के अनुसार जांचनी चाहिए।

किन लोगों को नई व्यवस्था से फायदा मिल सकता है?

नई पात्रता व्यवस्था से उन लोगों को लाभ मिल सकता है जो पुरानी शर्तों के कारण पेंशन के दायरे से बाहर रह जाते थे। इसमें मुख्य रूप से तीन समूह शामिल हो सकते हैं।

  • 40% से 79% बेंचमार्क दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्ति: पहले 80% की सीमा के कारण पात्र न होने वाले कुछ लोग अब नई सीमा के अंतर्गत आ सकते हैं।
  • 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे: न्यूनतम आयु की शर्त हटाने के बाद जन्म से पात्रता का प्रावधान किया गया है। ऐसे बच्चों को भी निर्धारित आर्थिक और प्रमाणपत्र संबंधी शर्तें पूरी करने पर सहायता मिल सकती है।
  • पहले से पेंशन पाने वाले पात्र लाभार्थी: नई दरें लागू होने पर वे भी संशोधित केंद्रीय सहायता के दायरे में आएंगे, संबंधित दिशानिर्देशों और भुगतान प्रक्रिया के अधीन।
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सरकारी जानकारी के अनुसार, दिव्यांगजन पेंशन के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या 8.33 लाख से बढ़ाकर 27.48 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है। यह बदलाव कार्यक्रम के दायरे को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

आवेदन करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज तैयार रखें?

नई व्यवस्था के अंतर्गत आवेदन या पात्रता की जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेज राज्य के अनुसार अलग हो सकते हैं। सामान्य तौर पर निम्न दस्तावेज उपयोगी हो सकते हैं:

  1. मान्य दिव्यांगता प्रमाणपत्र।
  2. आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान दस्तावेज।
  3. आयु या जन्मतिथि का प्रमाण।
  4. BPL परिवार या आर्थिक पात्रता से संबंधित प्रमाण, जहां मांगा जाए।
  5. निवास प्रमाणपत्र, यदि लागू हो।
  6. बैंक खाते का विवरण और पासबुक की प्रति।
  7. पासपोर्ट आकार की फोटो और मोबाइल नंबर।
  8. नाबालिग लाभार्थी के मामले में माता-पिता या अभिभावक से जुड़े दस्तावेज, यदि आवश्यक हों।

यह सामान्य सूची है। आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग से वर्तमान दस्तावेज सूची की पुष्टि करना जरूरी है।

Pradhan Mantri Divyangjan Pension YOJANA के लिए आवेदन कैसे करें?

केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद नई पात्रता और भुगतान दरों से संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश तीन महीने के भीतर जारी और लागू किए जाने हैं। इसलिए नई व्यवस्था के अंतर्गत आवेदन करने या पहले से पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थियों की राशि बढ़ने की प्रक्रिया राज्य के कार्यान्वयन संबंधी निर्देशों पर निर्भर करेगी।

लाभार्थी निम्न तरीके से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:

पहला चरण: अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के सामाजिक कल्याण, समाज कल्याण या संबंधित पेंशन विभाग से संपर्क करें।

दूसरा चरण: पूछें कि नई पात्रता के अनुसार आवेदन कब से स्वीकार किए जाएंगे और पहले से पेंशन पाने वालों के लिए क्या प्रक्रिया होगी।

तीसरा चरण: दिव्यांगता प्रमाणपत्र, पहचान, आयु, BPL स्थिति और बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज तैयार रखें।

चौथा चरण: विभाग द्वारा निर्धारित आवेदन फॉर्म या ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करें, यदि इसकी सुविधा उपलब्ध हो।

पांचवां चरण: आवेदन जमा करने के बाद रसीद या आवेदन संख्या सुरक्षित रखें और विभाग से सत्यापन व भुगतान की स्थिति जांचते रहें।

किसी अनधिकृत व्यक्ति को पेंशन स्वीकृत कराने के नाम पर पैसे न दें। आवेदन का सही तरीका और भुगतान की स्थिति केवल संबंधित सरकारी विभाग से सत्यापित करें।

नई पेंशन राशि कब से मिलनी शुरू होगी?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को बदलावों को मंजूरी दी। इसके बाद सरकार ने बताया कि पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और सहायता दरों से जुड़े विस्तृत दिशानिर्देश तीन महीने के भीतर जारी और लागू किए जाएंगे।

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इसका मतलब है कि घोषणा और वास्तविक भुगतान प्रक्रिया के बीच प्रशासनिक कदम बाकी हो सकते हैं। इसलिए नई राशि सभी लाभार्थियों के बैंक खातों में तुरंत जमा होने की निश्चित तारीख अभी मानकर नहीं चलनी चाहिए।

पहले से पेंशन पाने वाले लाभार्थी अपने विभाग से पूछ सकते हैं कि उनकी पेंशन कब संशोधित होगी। नए आवेदक भी अपने राज्य की आधिकारिक सूचना का इंतजार करें और दस्तावेज पहले से तैयार रखें।

Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana क्या है?

National Social Assistance Programme (NSAP) का नाम बदलकर Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana कर दिया गया है। यह केंद्र सरकार का सामाजिक सहायता कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए पेंशन सहायता तथा परिवार के मुख्य कमाने वाले की मृत्यु के मामले में निर्धारित पारिवारिक सहायता शामिल है।

इस कार्यक्रम को 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी मिली है। हालांकि, दिव्यांगजन पेंशन में बदलावों के अलावा वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और पारिवारिक लाभ की उप-योजनाओं को मौजूदा स्वरूप में जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

इसलिए नई दिव्यांगजन पेंशन सहायता को वृद्धावस्था या विधवा पेंशन में अपने आप लागू हुआ बदलाव नहीं समझना चाहिए। प्रत्येक उप-योजना की पात्रता और सहायता राशि अलग-अलग निर्धारित होती है।

Pradhan Mantri Divyangjan Pension YOJANA के तहत दिव्यांगजनों के लिए केंद्र सरकार ने पात्रता का दायरा बढ़ाने और सहायता राशि में वृद्धि की मंजूरी दी है। नई दरों के अनुसार, 0 से 79 वर्ष के पात्र लाभार्थियों को ₹375 प्रति माह और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लाभार्थियों को ₹625 प्रति माह केंद्रीय सहायता मिलेगी।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 80% से घटाकर 40% की गई है और न्यूनतम आयु की शर्त हटाकर पात्रता जन्म से लागू करने की मंजूरी दी गई है। फिर भी BPL परिवार और मान्य दिव्यांगता प्रमाणपत्र जैसी आवश्यक शर्तें महत्वपूर्ण रहेंगी।

चूंकि विस्तृत दिशानिर्देश तीन महीने के भीतर जारी और लागू किए जाने हैं, इसलिए नए आवेदकों तथा वर्तमान लाभार्थियों को संबंधित राज्य के सामाजिक कल्याण विभाग से आवेदन, सत्यापन और भुगतान की नवीनतम जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

Galib Rizvi

मैं पिछले 10 वर्षों से Sarkari Yojana और Government Schemes की दुनिया से जुड़ा हुआ हूँ। Yojana के Benefits, Eligibility, Application Process और Latest Updates में मेरी खास रुचि है। अपने अनुभव और जानकारी के माध्यम से मैं Desh Yojana (firstfitt.in) पर Readers के लिए सरल, उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी साझा करता हूँ।

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